
हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली में शुक्रवार को भारतीय किसान एकता (बीकेई) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश से फसलों को हुए भारी नुकसान के लिए मुआवजे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने हरियाणा सरकार के नाम एक मांग पत्र तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान किसानों ने अपनी लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी (क्रॉप सर्वे) करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दे। साथ ही, मंडियों में फसल बेचने के लिए लागू की गई जटिल शर्तों को खत्म करने की भी बात कही।
किसानों ने आरोप लगाया कि बायोमेट्रिक, गेट पास और फोटो सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं के कारण उन्हें फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन शर्तों को समाप्त कर गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।
इसके अलावा, किसानों ने खारिफ 2023 और 2025 के लंबित बीमा क्लेम तुरंत जारी करने, क्रॉप कटिंग के नाम पर रोके गए भुगतान को देने और बैंकों में अटकी बीमा राशि किसानों के खातों में डालने की मांग भी उठाई। किसानों ने “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल को दोबारा खोलने की भी मांग की।
प्रदर्शन के दौरान फग्गू मंडी में कथित धान खरीद घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई गई। किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों और राइस मिल मालिकों की मिलीभगत से किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई है, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किसानों ने नहरों में तय समय के अनुसार पानी की आपूर्ति, खाद की पर्याप्त उपलब्धता, नकली कीटनाशकों पर रोक, पराली प्रबंधन व डीएसआर की बकाया राशि जारी करने और फसलों को आवारा पशुओं व जंगली सूअरों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।
इस प्रदर्शन में कालांवाली क्षेत्र के भंगू, चकेरियां, गदराना, फग्गू, रोड़ी, थिराज, मत्तड़, जलालाना सहित कई गांवों के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए।