
रानियां/सिरसा। मौसम साफ होने के बाद क्षेत्र में गेहूं की कटाई और मंडियों में आवक ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण रुकी हुई फसल अब तेजी से मंडियों तक पहुंच रही है। रानियां समेत कुत्ताबढ़, बणी, श्री जीवन नगर, ढुड़ियांवाली और कालांवाली मंडियों में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है।
मार्केट कमेटी के आंकड़ों के अनुसार, बीते पांच दिनों में करीब 17 हजार क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। हालांकि, अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इसकी मुख्य वजह गेहूं में अधिक नमी होना है। वर्तमान में नमी 15 से 16 प्रतिशत के बीच आंकी जा रही है, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार 12 से 13.5 प्रतिशत नमी होने पर ही खरीद संभव है।
मार्केट कमेटी के सचिव सुरेंद्र सेन ने बताया कि खरीद एजेंसियां सोमवार से मंडियों में पहुंचकर गेहूं की नमी की जांच शुरू करेंगी। यदि नमी तय सीमा के अनुरूप पाई गई तो खरीद प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि गीला गेहूं मंडियों में लाने से बचें, ताकि गुणवत्ता बनी रहे और खरीद में देरी न हो।
दूसरी ओर, किसानों की बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए जिलेभर में 380 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सभी 68 खरीद केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू की गई है, हालांकि अभी खरीद शुरू न होने के कारण इसका उपयोग सीमित है।
रविवार को मौसम खुलने के बाद किसानों ने खेतों में कंबाइन चलाकर कटाई और मड़ाई का कार्य तेज कर दिया। पिछले चार दिनों की बारिश से फसल को नुकसान का खतरा बना हुआ था, जिससे किसान चिंतित थे। अब धूप निकलने से उन्हें राहत मिली है और वे जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
प्रशासन की ओर से मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। बिजली, पानी, बारदाना, गेट पास, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आढ़तियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे तिरपाल समेत अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें, ताकि खुले में रखी फसल सुरक्षित रह सके।
इसी बीच, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला प्रवक्ता डॉ. गंगा सागर केहरवाला ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रबी फसलों की खरीद के लिए मंडियों को 24 घंटे खुला रखने का निर्णय किसानों के लिए राहत भरा कदम है। इससे किसान अब किसी भी समय अपनी फसल मंडी में ला सकेंगे और गेट पास भी प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, फसल की बिक्री निर्धारित समय सीमा तक ही होगी।
किसानों ने सरकार से जल्द खरीद शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से बारिश की संभावना जताई है, जिससे खुले में पड़ी फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे में समय रहते खरीद शुरू होना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके।